गणेश चतुर्थी मोदक रेसिपी: उकडीचे (स्टीम) और तळणीचे (तला) मोदक — बप्पा का प्रिय भोग

मोदक भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग है — इसीलिए उन्हें मोदकप्रिय भी कहते हैं। गणेश चतुर्थी 2026 (14 सितंबर) पर घर पर ताज़ा मोदक बनाकर बप्पा को भोग लगाएँ। यहाँ दो लोकप्रिय रेसिपी दी गई हैं — पारंपरिक उकडीचे (स्टीम) मोदक और कुरकुरे तळणीचे (तले) मोदक

1. उकडीचे मोदक (Steamed Modak)

यह महाराष्ट्र की पारंपरिक रेसिपी है, जो नैवेद्य के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।

बनाने का समय: लगभग 45 मिनट · मात्रा: लगभग 12 मोदक

सामग्री

बाहरी परत (आवरण) के लिए:

  • चावल का आटा — 1 कप
  • पानी — 1 कप
  • घी — 1 छोटा चम्मच
  • नमक — 1 चुटकी

भरावन (सारण) के लिए:

  • ताज़ा कद्दूकस किया नारियल — 1 कप
  • गुड़ (कद्दूकस) — ¾ कप
  • इलायची पाउडर — ¼ छोटा चम्मच
  • घी — ½ छोटा चम्मच

विधि

  1. भरावन बनाएँ: एक पैन में ½ छोटा चम्मच घी गरम करें, उसमें नारियल और गुड़ डालें। मध्यम आँच पर 4–5 मिनट तक चलाएँ जब तक मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए (ज़्यादा सूखा न करें)। इलायची पाउडर मिलाकर ठंडा होने दें।
  2. आटा गूंथें: एक बर्तन में पानी, घी और नमक उबालें। आँच धीमी कर चावल का आटा डालें और तुरंत मिलाएँ। ढककर 4–5 मिनट भाप में रखें, फिर हल्का ठंडा होने पर हाथ में घी लगाकर नरम आटा गूंथें।
  3. मोदक बनाएँ: आटे की छोटी लोई लेकर हथेली पर कटोरी जैसा आकार दें। बीच में 1 चम्मच भरावन रखें, किनारों को मोड़कर चोटी बनाते हुए ऊपर से बंद करें।
  4. स्टीम करें: मोदक को केले के पत्ते या घी लगे बर्तन में रखकर 10–12 मिनट भाप में पकाएँ।
  5. ऊपर थोड़ा घी डालकर बप्पा को गरम-गरम भोग लगाएँ।

टिप: आटा गरम रहने पर ही गूंथें और मोदक बनाते समय हाथ में हल्का घी लगाएँ — परत नहीं फटेगी।

2. तळणीचे मोदक (Fried Modak)

ये लंबे समय तक टिकते हैं और कुरकुरे होते हैं।

बनाने का समय: लगभग 40 मिनट · मात्रा: लगभग 15 मोदक

सामग्री

  • मैदा या गेहूँ का आटा — 1½ कप
  • घी (मोयन) — 2 बड़े चम्मच
  • पानी — आवश्यकतानुसार
  • भरावन — वही नारियल-गुड़ (ऊपर वाला), या खोया-चीनी
  • तलने के लिए तेल/घी

विधि

  1. आटे में घी का मोयन डालकर सख्त आटा गूंथें, 20 मिनट ढककर रखें।
  2. ऊपर बताया भरावन तैयार कर लें।
  3. आटे की पतली पूरी बेलें, बीच में भरावन रखकर मोदक का आकार दें और किनारे अच्छी तरह बंद करें।
  4. मध्यम आँच पर सुनहरा होने तक तलें।
  5. ठंडा होने पर स्टोर करें — ये 3–4 दिन तक ताज़े रहते हैं।

भोग परंपरा

गणेश जी को 21 मोदक का भोग लगाना विशेष शुभ माना जाता है। मोदक के साथ दूर्वा, फल और पंचामृत भी अर्पित करें।

(पूरी पूजा विधि: गणेश चतुर्थी पूजा विधि )

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