वोटर कार्ड न हो तब भी आप वोट डाल सकते हैं, बस शर्त यह है कि आपका नाम उस बूथ की मतदाता सूची में हो। पहचान के लिए चुनाव आयोग के तय 12 फोटो पहचान पत्रों में से कोई एक ओरिजिनल दस्तावेज़ साथ ले जाएं, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट।
हर चुनाव में हज़ारों लोग सिर्फ़ इस डर से वोट डालने नहीं जाते कि उनका वोटर कार्ड खो गया है या अभी डाक से आया नहीं। यह डर बेवजह है। इस लेख में बताया गया है कि वोट डालने के लिए असल में क्या ज़रूरी है, कौन-से 12 दस्तावेज़ मान्य हैं, किन बातों पर बूथ पर दिक्कत आ सकती है और उनका हल क्या है।
सबसे ज़रूरी नियम: वोट नाम से पड़ता है, कार्ड से नहीं
वोट डालने के लिए दो चीज़ें चाहिए:
- मतदाता सूची में नाम: यह सबसे ज़रूरी है। नाम नहीं है, तो कोई भी पहचान पत्र दिखाकर वोट नहीं डाला जा सकता।
- पहचान का सबूत: यह साबित करने के लिए कि सूची में दर्ज व्यक्ति आप ही हैं।
वोटर कार्ड (EPIC) पहचान का पहला और सबसे आसान सबूत है। चुनाव आयोग का निर्देश है कि जिन मतदाताओं को EPIC जारी हुआ है, वे पहचान के लिए उसे ही दिखाएं। लेकिन जो EPIC नहीं दिखा सकते, उनके लिए आयोग ने 12 दूसरे फोटो पहचान पत्र मान्य किए हैं।
इसलिए घर से निकलने से पहले सबसे पहले यह देख लें कि आपका नाम सूची में है। पूरा तरीका यहां पढ़ें: [internal link: वोटर लिस्ट में नाम कैसे चेक करें]
वोटर कार्ड के अलावा मान्य 12 पहचान पत्र
चुनाव आयोग की सूची के मुताबिक, EPIC न दिखा पाने वाले मतदाता इनमें से कोई एक फोटो पहचान पत्र दिखा सकते हैं:
| क्रम | दस्तावेज़ | किसके पास आम तौर पर होता है |
|---|---|---|
| 1 | आधार कार्ड | लगभग सभी के पास |
| 2 | मनरेगा जॉब कार्ड | ग्रामीण मज़दूर परिवार |
| 3 | बैंक या पोस्ट ऑफिस की फोटो वाली पासबुक | बैंक/डाकघर खाताधारक |
| 4 | श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड | योजना के लाभार्थी |
| 5 | ड्राइविंग लाइसेंस | वाहन चालक |
| 6 | पैन कार्ड | टैक्स और बैंकिंग से जुड़े लोग |
| 7 | NPR के तहत रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) का जारी स्मार्ट कार्ड | जिन्हें यह कार्ड जारी हुआ |
| 8 | भारतीय पासपोर्ट | पासपोर्ट धारक |
| 9 | फोटो वाला पेंशन दस्तावेज़ | पेंशनभोगी |
| 10 | केंद्र/राज्य सरकार, PSU या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का अपने कर्मचारियों को जारी फोटो वाला सर्विस आईडी कार्ड | सरकारी और बड़ी कंपनियों के कर्मचारी |
| 11 | सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र | जनप्रतिनिधि |
| 12 | दिव्यांगजनों का UDID कार्ड (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) | दिव्यांग मतदाता |
आयुष्मान कार्ड चलेगा? स्वास्थ्य बीमा कार्ड वाली श्रेणी में आयुष्मान भारत का कार्ड गिना जाएगा या नहीं, यह 2027 के चुनाव की अधिसूचना में पक्का करें (TBC)। सुरक्षित यही है कि आधार या कोई दूसरा दस्तावेज़ भी साथ रखें।
हर दस्तावेज़ से जुड़ी काम की बातें
आधार कार्ड
सबसे ज़्यादा लोग यही ले जाते हैं। ओरिजिनल आधार कार्ड या UIDAI से डाउनलोड किए गए ई-आधार का प्रिंट ले जाएं। मोबाइल ऐप में आधार दिखाने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है। आधार पर फोटो बहुत पुरानी हो और पहचान न हो पा रही हो, तो कोई दूसरा दस्तावेज़ भी साथ रखें।
बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक
पासबुक तभी मान्य है जब उस पर आपकी फोटो लगी हो और बैंक या डाकघर की मुहर हो। बिना फोटो वाली पासबुक पहचान के लिए काफी नहीं है। गांवों में बहुत से लोगों के लिए, खास तौर पर महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए, यह सबसे आसानी से उपलब्ध दस्तावेज़ होता है।
मनरेगा जॉब कार्ड
ग्रामीण इलाकों में यह बहुत काम का दस्तावेज़ है। जॉब कार्ड पर संबंधित व्यक्ति की फोटो होनी चाहिए। परिवार के जॉब कार्ड पर जिस सदस्य की फोटो है, वही उसे अपनी पहचान के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस
पुराना कागज़ी लाइसेंस हो या नया स्मार्ट कार्ड वाला, दोनों में फोटो होनी चाहिए। एक्सपायर हो चुके लाइसेंस को लेकर बूथ पर बहस हो सकती है, इसलिए बेहतर है कि कोई दूसरा दस्तावेज़ भी साथ हो।
पैन कार्ड
पैन कार्ड पर फोटो और नाम होता है, इसलिए यह मान्य है। ध्यान दें कि पैन पर पिता का नाम होता है, पता नहीं। पहचान के लिए यह काफी है।
पासपोर्ट
भारतीय पासपोर्ट मान्य है। विदेश में रहने वाले जिन भारतीयों ने फॉर्म 6A से विदेशी मतदाता (Overseas Elector) के रूप में नाम जुड़वाया है, उन्हें वोट डालने के लिए अपने ओरिजिनल पासपोर्ट के साथ खुद मतदान केंद्र पर आना होता है।
सर्विस आईडी कार्ड
केंद्र या राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम (PSU) या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का अपने कर्मचारियों को जारी फोटो पहचान पत्र मान्य है। किसी छोटी प्राइवेट फर्म या दुकान का आईडी कार्ड इस श्रेणी में नहीं आता।
पेंशन दस्तावेज़
पेंशन से जुड़ा ऐसा दस्तावेज़ जिस पर पेंशनभोगी की फोटो हो, जैसे फोटो वाली पेंशन बुक या पेंशन पेमेंट ऑर्डर। बुज़ुर्ग मतदाताओं के लिए यह काम का विकल्प है।
UDID कार्ड
दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड पहचान के लिए मान्य है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से वोट डालने की सुविधा भी है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
ये बातें ज़रूर ध्यान रखें
- ओरिजिनल दस्तावेज़ ले जाएं। फोटोकॉपी पर भरोसा न करें। बूथ पर अधिकारी फोटोकॉपी को मानने से मना कर सकते हैं।
- मोबाइल में दिखाया गया दस्तावेज़ काम नहीं आएगा। मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। केंद्र के बाहर फोन बंद करके जमा करने की व्यवस्था होती है।
- वोटर स्लिप पहचान पत्र नहीं है। BLO जो मतदाता सूचना पर्ची बांटते हैं, उससे सिर्फ़ बूथ, भाग संख्या और क्रम संख्या पता चलती है। पहचान के लिए अलग दस्तावेज़ चाहिए।
- e-EPIC का प्रिंट मान्य है। वोटर कार्ड खो गया है तो उसका डिजिटल रूप डाउनलोड करके प्रिंट ले जाएं।
[internal link: वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड कैसे करें] - दूसरे क्षेत्र का कार्ड भी चलेगा। किसी दूसरी विधानसभा से बना EPIC भी पहचान के लिए मान्य है, बशर्ते आपका नाम इस बूथ की मतदाता सूची में हो।
- छोटी गलतियां नज़रअंदाज़ होती हैं। आयोग के निर्देश हैं कि अगर पहचान साफ़ हो रही है, तो EPIC में नाम की स्पेलिंग जैसी छोटी गलतियों को नज़रअंदाज़ किया जाए।
- फोटो मेल न खाए तो दूसरा दस्तावेज़। अगर वोटर कार्ड की फोटो इतनी पुरानी है कि पहचान नहीं हो पा रही, तो ऊपर के 12 में से कोई एक दस्तावेज़ दिखाना होगा।
बूथ पर आपकी पहचान कैसे जांची जाती है?
यह समझ लें तो बूथ पर कोई घबराहट नहीं होगी:
- आप पहले मतदान अधिकारी के पास पहुंचते हैं और अपनी भाग संख्या व क्रम संख्या बताते हैं।
- वे मतदाता सूची की चिह्नित प्रति (Marked Copy) में आपका नाम ढूंढते हैं।
- आप अपना वोटर कार्ड या 12 में से कोई मान्य फोटो पहचान पत्र दिखाते हैं।
- अधिकारी दस्तावेज़ की फोटो और नाम का मिलान सूची और आपके चेहरे से करते हैं।
- पहचान पक्की होने पर आपका नाम ज़ोर से पढ़ा जाता है, ताकि वहां बैठे पोलिंग एजेंट भी सुन लें।
- इसके बाद आप दूसरे मतदान अधिकारी के पास स्याही लगवाने और हस्ताक्षर के लिए जाते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में दस्तावेज़ आपसे लिया नहीं जाता, सिर्फ़ देखा जाता है।
किसके लिए कौन-सा दस्तावेज़ सबसे आसान?
| मतदाता | सबसे आसानी से मिलने वाला दस्तावेज़ |
|---|---|
| पहली बार वोट डालने वाले युवा | आधार, पैन, या e-EPIC का प्रिंट |
| गांव के बुज़ुर्ग | फोटो वाली पासबुक, पेंशन दस्तावेज़, आधार |
| ग्रामीण मज़दूर परिवार | मनरेगा जॉब कार्ड, आधार |
| नौकरीपेशा लोग | ड्राइविंग लाइसेंस, पैन, ऑफिस का आईडी (अगर सरकारी/PSU/पब्लिक लिमिटेड कंपनी का है) |
| सरकारी पेंशनभोगी | फोटो वाली पेंशन बुक या पेंशन दस्तावेज़ |
| दिव्यांग मतदाता | UDID कार्ड, आधार |
| विदेश में रहने वाले मतदाता | भारतीय पासपोर्ट (ओरिजिनल) |
पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए खास बात
18-19 साल के बहुत से नए मतदाताओं का नाम हाल में सूची में जुड़ा है। उत्तर प्रदेश की 10 अप्रैल 2026 की अंतिम मतदाता सूची में ही 17 लाख से ज़्यादा मतदाता 18-19 साल की उम्र के हैं। इनमें से कई लोगों का प्लास्टिक कार्ड अभी डाक से नहीं आया होगा।
अगर आप भी उनमें हैं, तो:
- कार्ड का इंतज़ार न करें। अपने Form Reference Number या EPIC नंबर से e-EPIC डाउनलोड करें और प्रिंट रख लें।
- साथ में आधार कार्ड भी रखें, ताकि किसी वजह से e-EPIC पर सवाल हो तो दूसरा विकल्प हो।
- अपना बूथ अलग से चेक करें। ज़रूरी नहीं कि वह आपके माता-पिता वाला ही हो।
- मतदान के दिन कॉलेज या हॉस्टल का आईडी लेकर न जाएं, वह इस सूची में नहीं है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मतदाताओं के लिए ज़रूरी बात
दोनों राज्यों में हाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ है। उत्तर प्रदेश में इसके बाद अंतिम सूची 10 अप्रैल 2026 को और उत्तराखंड में 3 अक्टूबर 2026 को जारी हुई। इस प्रक्रिया में बहुत से लोगों के नाम हटे और नए जुड़े।
इसका सीधा असर यह है कि आपके पास वोटर कार्ड होने के बावजूद, अगर आपका नाम नई सूची में नहीं है, तो आप वोट नहीं डाल पाएंगे। इसलिए पहचान पत्र तैयार करने से पहले नई सूची में अपना नाम ज़रूर देख लें।
ये दस्तावेज़ इस सूची में नहीं हैं
कई लोग इन कागज़ों को लेकर बूथ पर पहुंच जाते हैं और फिर परेशान होते हैं। ये दस्तावेज़ आयोग की 12 की सूची में नहीं हैं:
- राशन कार्ड
- मतदाता सूचना पर्ची (वोटर स्लिप)
- जन्म प्रमाण पत्र
- बिना फोटो वाली बैंक पासबुक
- किसी प्राइवेट दुकान, फर्म या संस्था का आईडी कार्ड
- कॉलेज का आईडी कार्ड (जब तक वह ऊपर की किसी श्रेणी में न आता हो)
अगर आपके पास इनमें से ही कोई दस्तावेज़ है, तो चुनाव से पहले e-EPIC डाउनलोड कर लें, या आधार जैसा कोई मान्य दस्तावेज़ तैयार रखें।
अलग-अलग स्थितियों में क्या करें
| स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| वोटर कार्ड खो गया, नाम सूची में है | आधार/पैन/लाइसेंस जैसा कोई मान्य दस्तावेज़ ले जाएं, या e-EPIC का प्रिंट |
| नया वोटर, कार्ड डाक से नहीं आया | Form Reference Number से e-EPIC डाउनलोड करें, या आधार ले जाएं |
| शादी के बाद नाम या पता बदला, कार्ड पुराना है | नाम सूची में है तो पहचान साफ़ होने पर पुराना कार्ड चलेगा; साथ में आधार रखें |
| वोटर कार्ड की फोटो बहुत पुरानी | कार्ड के साथ आधार या कोई दूसरा फोटो पहचान पत्र ज़रूर रखें |
| कोई भी फोटो पहचान पत्र नहीं है | मतदान से पहले e-EPIC डाउनलोड करें; यह भी संभव न हो तो BLO से संपर्क करें |
| सूची में नाम नहीं, पर कार्ड है | उस चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे; अगली बार के लिए फॉर्म 6 भरें |
पर्दानशीं महिलाओं की पहचान कैसे होती है?
बुर्का या घूंघट पहनने वाली महिलाओं की पहचान के लिए चुनाव आयोग ने पिछले चुनावों में निर्देश दिए हैं कि पहचान महिला मतदान कर्मी या सहायिका निजता का ध्यान रखते हुए करें। 2025 के बिहार चुनाव में इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी बूथों पर तैनात करने की बात कही गई थी। 2027 के चुनावों में यह व्यवस्था किस रूप में होगी, इसका आदेश आना अभी बाकी है (TBC)।
अगर बूथ पर आपकी पहचान पर सवाल उठे?
कभी-कभी किसी उम्मीदवार का पोलिंग एजेंट किसी मतदाता की पहचान पर आपत्ति कर देता है। इसे “चैलेंज्ड वोट” कहते हैं। ऐसे में:
- पीठासीन अधिकारी मामले की जांच करते हैं।
- आपत्ति करने वाले एजेंट को इसके लिए एक तय शुल्क जमा करना होता है।
- आपसे पहचान के सबूत मांगे जाते हैं। इसलिए एक से ज़्यादा पहचान पत्र साथ रखना फायदेमंद है।
- पहचान साबित होने पर आपको वोट डालने दिया जाता है।
अगर कोई आपके नाम पर पहले ही वोट डाल गया हो?
बूथ पर पहुंचकर पता चले कि आपके नाम पर पहले ही वोट डाला जा चुका है, तो घबराएं नहीं और वापस न लौटें। पीठासीन अधिकारी को बताएं। अपनी पहचान साबित करने के बाद आप “टेंडर वोट” डाल सकते हैं। यह EVM में नहीं, बल्कि एक अलग बैलेट पेपर पर डाला जाता है और अलग से सुरक्षित रखा जाता है। इसलिए ओरिजिनल पहचान पत्र साथ होना यहां सबसे ज़्यादा काम आता है।
बुज़ुर्ग और दिव्यांग: घर से वोट डालने की सुविधा
85 साल से ज़्यादा उम्र के मतदाता और मतदाता सूची में दिव्यांग के रूप में दर्ज लोग चाहें तो घर से डाक मतपत्र के ज़रिये वोट डाल सकते हैं। इसके लिए:
- चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिन के अंदर फॉर्म 12D भरें।
- फॉर्म BLO के ज़रिये रिटर्निंग ऑफिसर तक पहुंचाया जाता है।
- मंज़ूरी के बाद मतदान दल तय तारीख पर घर आकर वोट डलवाता है।
ध्यान दें, जो लोग घर से वोटिंग चुनते हैं, वे फिर मतदान केंद्र पर जाकर वोट नहीं डाल सकते। घर के बुज़ुर्गों के लिए BLO से पहले ही इस बारे में बात कर लें।
भ्रम और सच्चाई
| भ्रम | सच्चाई |
|---|---|
| वोटर कार्ड नहीं तो वोट नहीं | नाम सूची में है तो 12 में से किसी एक दस्तावेज़ से वोट डाल सकते हैं |
| वोटर कार्ड है तो वोट पक्का | सूची में नाम न हो तो कार्ड होने पर भी वोट नहीं पड़ेगा |
| वोटर स्लिप से भी वोट डाल सकते हैं | स्लिप पहचान पत्र नहीं है |
| आधार की फोटोकॉपी काफी है | ओरिजिनल दस्तावेज़ ले जाना ही सुरक्षित है |
| दूसरे शहर में आधार दिखाकर वोट डाल सकते हैं | वोट सिर्फ़ उसी बूथ पर पड़ेगा जहां सूची में नाम है |
| कार्ड पर स्पेलिंग गलत है तो वोट नहीं मिलेगा | पहचान साफ़ हो तो छोटी गलतियां नज़रअंदाज़ की जाती हैं |
घर से निकलने से पहले की चेकलिस्ट
- [ ] मतदाता सूची में अपना नाम देख लिया।
- [ ] अपना पोलिंग बूथ, भाग संख्या और क्रम संख्या नोट कर ली।
[internal link: पोलिंग बूथ कैसे पता करें] - [ ] वोटर कार्ड या e-EPIC का प्रिंट रख लिया।
- [ ] कार्ड नहीं है तो 12 में से कोई एक ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र रख लिया।
- [ ] कार्ड की फोटो पुरानी है तो साथ में आधार जैसा दूसरा दस्तावेज़ भी रख लिया।
- [ ] मोबाइल घर पर छोड़ा, या बाहर जमा करने का ध्यान है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या सिर्फ़ आधार कार्ड से वोट डाल सकते हैं? हां, अगर मतदाता सूची में आपका नाम है तो आधार कार्ड पहचान के लिए मान्य है।
वोटर कार्ड है पर लिस्ट में नाम नहीं, तब? तब वोट नहीं डाल पाएंगे। पहचान पत्र कोई भी हो, सूची में नाम होना ज़रूरी है।
राशन कार्ड चलेगा? राशन कार्ड चुनाव आयोग की 12 दस्तावेज़ों की सूची में नहीं है। सूची में दिए गए दस्तावेज़ों में से ही कोई एक ले जाएं।
आधार की फोटोकॉपी या mAadhaar चलेगा? ओरिजिनल या ई-आधार का प्रिंट ले जाना सुरक्षित है। बूथ में मोबाइल ले जाने की इजाज़त नहीं होती, इसलिए ऐप वाला आधार दिखाने का मौका नहीं मिलेगा।
दूसरे शहर में रहता हूं, वहां से वोट डाल सकता हूं? नहीं, जिस बूथ की सूची में नाम है वहीं जाकर वोट डालना होगा। स्थायी रूप से शहर बदल लिया है तो फॉर्म 8 से पता बदलवाएं।
बैंक पासबुक पर फोटो नहीं है, क्या चलेगी? नहीं, पासबुक तभी मान्य है जब उस पर फोटो लगी हो।
एक्सपायर हो चुका ड्राइविंग लाइसेंस चलेगा? इस पर बूथ पर विवाद हो सकता है। सुरक्षित यही है कि आधार जैसा कोई दूसरा मान्य दस्तावेज़ भी साथ रखें।
कॉलेज का आईडी कार्ड चलेगा? आम कॉलेज आईडी कार्ड 12 दस्तावेज़ों की सूची में नहीं है। छात्र आधार, पैन या e-EPIC का प्रिंट ले जाएं।
बूथ पर पहचान पत्र भूल गया, क्या करूं? बिना पहचान पत्र के वोट डालना संभव नहीं होगा। घर जाकर दस्तावेज़ ले आएं, मतदान का समय खत्म होने से पहले लाइन में लग जाएं।
क्या ई-आधार का प्रिंट मान्य है? UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार, आधार का ही मान्य रूप है। इसका साफ़ प्रिंट ले जाएं जिसमें फोटो ठीक से दिख रही हो।
क्या बुज़ुर्गों के लिए पेंशन पासबुक चलेगी? अगर पासबुक पर पेंशनभोगी की फोटो लगी है, तो हां। बिना फोटो वाली पासबुक मान्य नहीं होगी।
पहचान पत्र में नाम और वोटर लिस्ट के नाम की स्पेलिंग अलग है, क्या होगा? अगर फोटो और बाकी जानकारी से पहचान साफ़ हो रही है, तो छोटी-मोटी स्पेलिंग की गलतियों को नज़रअंदाज़ करने के निर्देश हैं। अंतिम फैसला पीठासीन अधिकारी का होता है।
क्या एक से ज़्यादा पहचान पत्र साथ रख सकते हैं? हां, और यह बेहतर भी है। अगर एक दस्तावेज़ पर किसी वजह से सवाल उठे, तो आपके पास दूसरा विकल्प रहेगा।
थर्ड जेंडर मतदाता कौन-सा पहचान पत्र दिखाएं? सभी मतदाताओं के लिए नियम एक जैसा है। वोटर कार्ड या 12 मान्य फोटो पहचान पत्रों में से कोई एक दिखाया जा सकता है।
विदेश से वोट डालने आए हैं, क्या दिखाना होगा? विदेशी मतदाता (Overseas Elector) के रूप में दर्ज भारतीयों को अपना ओरिजिनल भारतीय पासपोर्ट दिखाना होता है।
पहचान पत्र पर पुराना पता है, क्या चलेगा? पहचान पत्र का काम सिर्फ़ यह साबित करना है कि आप वही व्यक्ति हैं। पता अलग होने से फर्क नहीं पड़ता, बशर्ते आपका नाम इस बूथ की सूची में हो।
क्या पहचान पत्र बूथ पर जमा करना पड़ता है? नहीं। मतदान अधिकारी सिर्फ़ दस्तावेज़ देखकर आपकी पहचान का मिलान करते हैं और फिर उसे आपको लौटा देते हैं। कोई भी अधिकारी आपका ओरिजिनल दस्तावेज़ अपने पास नहीं रखता।
मदद के लिए किस नंबर पर कॉल करें? वोटर हेल्पलाइन 1950 (ज़िले के STD कोड के साथ) या टोल-फ्री 1800-11-1950।

