वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए electoralsearch.eci.gov.in खोलिए और EPIC नंबर, मोबाइल नंबर या अपने नाम-पते से सर्च कीजिए। नाम होगा तो स्क्रीन पर आपका विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, क्रम संख्या और पोलिंग स्टेशन दिख जाएगा। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और इसके लिए किसी एजेंट या साइबर कैफे की ज़रूरत नहीं है।
यह काम सुनने में छोटा लगता है, लेकिन चुनाव के दिन सबसे ज़्यादा लोग इसी वजह से लौटते हैं कि बूथ पर पहुंचकर पता चलता है कि उनका नाम सूची में है ही नहीं। उस समय कुछ नहीं हो सकता। इसलिए जो काम दो मिनट में आज हो सकता है, उसे आज ही कर लीजिए। नीचे हर तरीका स्टेप बाय स्टेप समझाया गया है, साथ ही यह भी कि नाम न मिलने पर क्या करना है।
सबसे पहले समझिए: वोटर कार्ड और वोटर लिस्ट अलग चीज़ें हैं
बहुत से लोग मानते हैं कि जिसके पास वोटर कार्ड है, वह वोट डाल सकता है। ऐसा नहीं है। वोट डालने का अधिकार इस बात से तय होता है कि आपका नाम उस बूथ की मौजूदा मतदाता सूची (Electoral Roll) में है या नहीं।
- वोटर कार्ड (EPIC): यह एक पहचान पत्र है, जो बताता है कि आप कौन हैं।
- वोटर लिस्ट: यह सरकारी रिकॉर्ड है, जिसमें दर्ज लोग ही उस बूथ पर वोट डाल सकते हैं।
यानी कार्ड जेब में हो और नाम सूची से कट गया हो, तो वोट नहीं पड़ेगा। उल्टा, नाम सूची में हो और कार्ड खो गया हो, तो आप आधार या पैन जैसे दूसरे मान्य पहचान पत्र से वोट डाल सकते हैं। वोटर आईडी के बिना वोट कैसे डालें
इस बार चेक करना और भी ज़रूरी क्यों है?
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पिछले एक साल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision, SIR) हुआ है। इसमें घर-घर जाकर हर मतदाता की जानकारी दोबारा जांची गई और सूची लगभग नए सिरे से बनी।
उत्तर प्रदेश में:
- SIR की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई।
- 6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में 12,55,56,025 मतदाता थे।
- 10 अप्रैल 2026 को जारी अंतिम सूची में 13,39,84,792 मतदाता हैं।
- ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच 84 लाख से ज़्यादा नाम जुड़े और 8 लाख से ज़्यादा नाम हटे।
- SIR शुरू होने से पहले, अक्टूबर 2025 में राज्य में करीब 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे।
उत्तराखंड में: SIR के बाद अंतिम सूची 3 अक्टूबर 2026 को जारी हुई, जिसमें 71,58,949 मतदाता हैं। SIR शुरू होने के समय यह संख्या 79,60,762 थी।
इन आंकड़ों का सीधा मतलब यह है कि लाखों लोगों के नाम हटे हैं, और बहुतों का बूथ या भाग संख्या बदल गई है। इसलिए अगर आप पिछले चुनाव में वोट डाल चुके हैं, तब भी इस बार एक बार ज़रूर देख लें कि आपका नाम अंतिम सूची में है और बूथ कहां है।
वोटर लिस्ट में नाम देखने के 5 तरीके, एक नज़र में
| तरीका | क्या चाहिए | किसके लिए सबसे ठीक |
|---|---|---|
| EPIC नंबर से | वोटर कार्ड का नंबर | जिनके पास कार्ड या उसकी फोटो है |
| मोबाइल नंबर से | वोटर रिकॉर्ड से जुड़ा मोबाइल | जिन्होंने पहले मोबाइल नंबर लिंक कराया है |
| नाम और पते से | नाम, पिता/पति का नाम, उम्र, ज़िला, विधानसभा | जिनके पास कार्ड नहीं है |
| ECINET ऐप से | स्मार्टफोन | जो ऐप से काम करना पसंद करते हैं |
| PDF सूची से | राज्य, ज़िला, विधानसभा और भाग संख्या | पूरे मोहल्ले या परिवार की सूची एक साथ देखने के लिए |
अब हर तरीके को विस्तार से देखते हैं।
तरीका 1: EPIC नंबर से नाम चेक करें (सबसे तेज़)
EPIC नंबर आपके वोटर कार्ड के सामने की तरफ छपा 10 अक्षर-अंक वाला कोड होता है, जैसे ABC1234567। अगर कार्ड पास नहीं है लेकिन उसकी फोटो फोन में है, तो भी काम चल जाएगा।
- मोबाइल या कंप्यूटर पर electoralsearch.eci.gov.in खोलें।
- ऊपर दिख रहे तीन टैब में से “Search by EPIC” चुनें।
- भाषा चुनें, फिर अपना EPIC नंबर टाइप करें।
- ड्रॉपडाउन से अपना राज्य चुनें, जैसे उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड।
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें और “Search” पर क्लिक करें।
- नाम सूची में होगा तो नीचे आपकी पूरी जानकारी आ जाएगी।
ध्यान दें: EPIC नंबर टाइप करते समय अंग्रेज़ी का O (ओ) और अंक 0 (ज़ीरो), या I (आई) और 1 (एक) आपस में न मिलाएं। “No record found” आने की यह सबसे आम वजह है।
तरीका 2: मोबाइल नंबर से नाम चेक करें
यह तरीका तभी काम करेगा जब आपका मोबाइल नंबर पहले से आपके वोटर रिकॉर्ड से जुड़ा हो। नया वोटर कार्ड बनवाते समय या फॉर्म 8 से सुधार करवाते समय जो नंबर दिया गया था, वही नंबर यहां चलेगा।
- electoralsearch.eci.gov.in पर “Search by Mobile” टैब चुनें।
- राज्य और भाषा चुनें।
- अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर डालें और कैप्चा भरें।
- फोन पर आया OTP डालें।
- उस नंबर से जुड़े वोटर की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
OTP नहीं आ रहा, तो इसका मतलब है कि यह नंबर आपके रिकॉर्ड से नहीं जुड़ा। ऐसे में तरीका 1 या तरीका 3 इस्तेमाल करें।
तरीका 3: नाम और पते से नाम खोजें (जब कार्ड पास न हो)
जिनके पास न कार्ड है, न EPIC नंबर, उनके लिए यह तरीका है। इसमें थोड़ा धैर्य चाहिए, क्योंकि नाम की स्पेलिंग ज़रा-सी अलग होने पर भी नतीजा नहीं आता।
- electoralsearch.eci.gov.in पर “Search by Details” टैब चुनें।
- राज्य और भाषा चुनें।
- अपना नाम लिखें, वैसे ही जैसे वोटर कार्ड या पिछली सूची में था।
- पिता या पति का नाम लिखें।
- जन्म तिथि डालें, या जन्म तिथि याद न हो तो उम्र चुनें।
- लिंग चुनें।
- ज़िला और विधानसभा क्षेत्र चुनें।
- कैप्चा भरकर “Search” दबाएं।
नाम नहीं मिल रहा तो ये तरकीबें आज़माएं
- सरनेम हटाकर खोजें। बहुत से लोगों का नाम सूची में सिर्फ़ पहले नाम से दर्ज होता है, जैसे “राम कुमार” की जगह “रामकुमार” या सिर्फ़ “राम”।
- हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में खोजें। यूपी की सूची हिंदी में बनती है, और अंग्रेज़ी में नाम का अनुवाद कभी-कभी अलग स्पेलिंग में होता है।
- उम्र के साथ खोजें। जन्म तिथि गलत दर्ज हो सकती है, इसलिए जन्म तिथि की जगह उम्र डालकर देखें।
- पिता/पति के नाम में बदलाव करें। कई बार पिता के नाम के आगे “श्री” या पूरा नाम न होकर सिर्फ़ पहला नाम होता है।
- विधानसभा क्षेत्र दोबारा जांचें। शहरों में एक ही मोहल्ला अलग विधानसभा में हो सकता है। अपने इलाके की सही विधानसभा पता न हो तो पड़ोसी के कार्ड से देख लें।
तरीका 4: ECINET ऐप से
चुनाव आयोग ने 22 जनवरी 2026 को ECINET नाम का एक नया ऐप लॉन्च किया था। इसमें पहले के वोटर हेल्पलाइन ऐप समेत आयोग की 40 से ज़्यादा सेवाएं एक जगह मिल जाती हैं। यह ऐप हिंदी समेत कई भाषाओं में है और मुफ्त है।
- गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से “ECINET” ऐप डाउनलोड करें। डाउनलोड करते समय देख लें कि ऐप Election Commission of India का ही हो।
- मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और भाषा चुनें।
- Voter Services में “Search Your Name in Voter List” विकल्प चुनें।
- EPIC, मोबाइल या नाम-पते, किसी एक तरीके से सर्च करें।
इसी ऐप से आप e-EPIC डाउनलोड कर सकते हैं, नया वोटर बनने का फॉर्म भर सकते हैं और अपने BLO से कॉल भी बुक कर सकते हैं।
तरीका 5: पूरी वोटर लिस्ट PDF में डाउनलोड करें
कभी-कभी पूरे परिवार या पूरे मोहल्ले की सूची एक साथ देखनी होती है। इसके लिए मतदाता सूची PDF में डाउनलोड की जा सकती है।
- voters.eci.gov.in खोलें और “Download E-Roll” (या Electoral Roll) विकल्प पर जाएं।
- राज्य चुनें।
- ज़िला और विधानसभा क्षेत्र चुनें।
- भाषा और सूची का प्रकार चुनें।
- भाग संख्या (Part) चुनें और कैप्चा भरकर डाउनलोड करें।
PDF में उस भाग के सभी मतदाताओं के नाम, उम्र, पिता/पति का नाम और मकान नंबर होते हैं। अपनी भाग संख्या पता न हो, तो पहले तरीका 1 या 3 से अपना या पड़ोसी का नाम खोजें, वहां भाग संख्या लिखी होगी।
नतीजे में दिखने वाली जानकारी का मतलब
नाम मिल जाने पर स्क्रीन पर कई कॉलम दिखते हैं। हर एक का मतलब यह है:
| जानकारी | मतलब |
|---|---|
| EPIC No. | आपका वोटर कार्ड नंबर |
| Name / नाम | सूची में दर्ज आपका नाम |
| Relative Name | पिता या पति का नाम |
| Age / Gender | उम्र और लिंग |
| Assembly Constituency | आपका विधानसभा क्षेत्र, नंबर के साथ |
| Part No. / भाग संख्या | उस इलाके का हिस्सा जिसकी अलग सूची बनती है |
| Serial No. / क्रम संख्या | उस भाग की सूची में आपका नंबर |
| Polling Station | वह जगह (स्कूल, पंचायत भवन आदि) जहां आपको वोट डालना है |
सलाह: इस स्क्रीन का स्क्रीनशॉट ले लें, या भाग संख्या और क्रम संख्या एक कागज़ पर लिख लें। वोटिंग के दिन बूथ पर कर्मचारी इन्हीं दो नंबरों से आपको सूची में ढूंढते हैं। ये नंबर पास हों तो लाइन जल्दी आगे बढ़ती है।
इंटरनेट नहीं है या स्मार्टफोन नहीं चलाते?
बुज़ुर्ग माता-पिता या गांव के लोग जो ऑनलाइन काम नहीं करते, उनके लिए ये रास्ते हैं:
- वोटर हेल्पलाइन 1950: अपने ज़िले का STD कोड लगाकर 1950 पर कॉल करें और अपनी जानकारी बताएं।
- राष्ट्रीय संपर्क केंद्र: टोल-फ्री नंबर 1800-11-1950।
- BLO (बूथ लेवल ऑफिसर): हर बूथ का एक BLO होता है, जो आम तौर पर उसी इलाके का सरकारी कर्मचारी, जैसे शिक्षक या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता होता है। उनके पास अपने बूथ की छपी हुई सूची रहती है।
- तहसील या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) का दफ्तर: यहां भी सूची देखी जा सकती है और फॉर्म जमा किए जा सकते हैं।
BLO का नंबर पता न हो, तो ECINET ऐप में “Book a Call with BLO” का विकल्प है। इससे आपका BLO खुद आपको फोन करता है।
राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट
ऊपर बताई ECI की वेबसाइट पूरे देश के लिए है। इसके अलावा हर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की अपनी वेबसाइट होती है, जहां राज्य की सूचनाएं, ज़िलेवार अधिकारियों के नंबर और प्रेस नोट मिलते हैं।
| राज्य | वेबसाइट |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | ceouttarpradesh.nic.in |
| उत्तराखंड | ceo.uk.gov.in |
नाम नहीं मिला? वजह समझें और सही कदम उठाएं
नाम न मिलने की कई वजहें हो सकती हैं। हर वजह का हल अलग है।
| आपकी स्थिति | संभावित वजह | क्या करें |
|---|---|---|
| कभी वोटर बने ही नहीं | नाम दर्ज नहीं हुआ | फॉर्म 6 भरें |
| पहले नाम था, अब नहीं है | SIR में गणना फॉर्म जमा नहीं हुआ, या घर पर न मिलने से नाम हटा | फॉर्म 6 दोबारा भरें और BLO से मिलें |
| नाम है पर गलत स्पेलिंग, उम्र या फोटो | डाटा एंट्री में गलती | फॉर्म 8 से सुधार |
| दूसरे शहर या मोहल्ले में शिफ्ट हुए | नाम पुराने पते पर है | फॉर्म 8 से पता बदलवाएं |
| परिवार के किसी दिवंगत सदस्य का नाम अब भी है | सूची अपडेट नहीं हुई | फॉर्म 7 से नाम हटवाएं |
| नाम दो जगह दर्ज है | पुराने पते से नाम नहीं हटा | एक जगह से हटवाएं, दो जगह नाम रखना कानूनन गलत है |
सभी फॉर्म voters.eci.gov.in या ECINET ऐप पर मुफ्त में भरे जा सकते हैं। ऑनलाइन न भर सकें तो BLO या ERO दफ्तर में भी जमा कर सकते हैं। नया वोटर बनने की पूरी प्रक्रिया यहां पढ़ें: नया वोटर आईडी कार्ड कैसे बनाएं
SIR में नाम कटा था, अब क्या?
SIR के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए, उनमें ज़्यादातर वे थे जिनका गणना फॉर्म जमा नहीं हुआ, या जो पते पर नहीं मिले, स्थायी रूप से कहीं और चले गए थे, या जिनका नाम दो जगह था। अगर आप उसी पते पर रहते हैं और वोट देने के योग्य हैं, तो फॉर्म 6 भरकर नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। आपत्ति और अपील की जो समय-सीमा SIR के लिए तय थी, उसकी जानकारी ज़िला निर्वाचन कार्यालय से मिल सकती है।
चुनाव से पहले नाम जुड़वाने की आखिरी तारीख
नाम जुड़वाने का काम पूरे साल चलता है। चुनाव की घोषणा के बाद भी आवेदन लिए जाते हैं, लेकिन एक तय तारीख के बाद आए आवेदन उस चुनाव की सूची में नहीं जुड़ते। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए यह आखिरी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। आखिरी हफ्तों में आवेदन बहुत बढ़ जाते हैं और जांच में समय लगता है, इसलिए जितना जल्दी हो सके आवेदन कर दें।
परिवार के हर सदस्य का नाम अलग से देखें
एक ही घर में रहने वाले लोगों के नाम कभी-कभी अलग भाग में, या एक का नाम सूची में और दूसरे का नहीं होता है। खास तौर पर इन लोगों का नाम ज़रूर देखें:
- जो पहली बार वोट देंगे: 18 साल पूरे करने वाले बच्चे, जिनका फॉर्म 6 भरा गया हो।
- शादी के बाद आई बहू: इनका नाम मायके के पते पर हो सकता है, फॉर्म 8 से नया पता दर्ज करवाना होगा।
- बुज़ुर्ग: इनकी जानकारी अक्सर पुरानी होती है, उम्र या फोटो सुधार की ज़रूरत पड़ सकती है।
- बाहर पढ़ने या नौकरी करने वाले: SIR के दौरान घर पर न मिलने से इनके नाम हटने की संभावना ज़्यादा रही।
BLO कौन होता है और उनसे कैसे मदद लें?
BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर, मतदाता सूची का सबसे ज़मीनी कर्मचारी होता है। हर बूथ के लिए एक BLO तय होता है, जो उसी इलाके में रहता या काम करता है। वोटर लिस्ट से जुड़े ज़्यादातर काम इन्हीं के ज़रिये होते हैं:
- घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जांचना।
- नए वोटर, सुधार या नाम हटाने के फॉर्म लेना और उनकी जांच करना।
- मतदान से पहले घर-घर मतदाता सूचना पर्ची (वोटर स्लिप) बांटना।
- अपने बूथ की छपी हुई सूची रखना, ताकि कोई भी आकर अपना नाम देख सके।
अपने BLO का नाम और नंबर जानने के लिए ECINET ऐप देखें, 1950 पर कॉल करें, या अपने गांव के प्रधान या वार्ड पार्षद के दफ्तर से पूछें। BLO से मिलने जाएं तो अपना कोई पहचान पत्र और पुराना वोटर कार्ड (अगर है) साथ ले जाएं।
वोटिंग से पहले की छोटी-सी चेकलिस्ट
चुनाव की तारीख आने से पहले यह सूची एक बार ज़रूर देख लें। इसमें मुश्किल से दस मिनट लगेंगे:
- [ ] वोटर लिस्ट में अपना नाम देख लिया।
- [ ] भाग संख्या और क्रम संख्या लिख ली या स्क्रीनशॉट ले लिया।
- [ ] अपना पोलिंग स्टेशन कहां है, यह पता कर लिया।
पोलिंग बूथ कैसे पता करें - [ ] परिवार के हर वोटर का नाम अलग से देख लिया।
- [ ] वोटर कार्ड या कोई दूसरा मान्य फोटो पहचान पत्र तैयार रख लिया।
- [ ] कार्ड खो गया हो तो e-EPIC डाउनलोड करके प्रिंट ले लिया।
वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड कैसे करें - [ ] घर में 85 साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्ग या दिव्यांग सदस्य हैं, तो घर से वोटिंग की सुविधा के बारे में BLO से पूछ लिया।
शहर बदल चुके लोगों के लिए ज़रूरी बात
नौकरी या पढ़ाई के लिए गांव से शहर आए बहुत से लोग सोचते हैं कि वोट गांव में ही डालेंगे। यह आपकी मर्ज़ी है, लेकिन नियम यह है कि आपका नाम वहीं की सूची में होना चाहिए जहां आप आम तौर पर रहते हैं, और नाम सिर्फ़ एक ही जगह हो सकता है। SIR के दौरान घर पर न मिलने वाले कई लोगों के नाम इसी वजह से हटे हैं।
अगर आप स्थायी रूप से शहर में रह रहे हैं, तो फॉर्म 8 से अपना पता शहर का करवा लें। अगर आप अब भी गांव के पते को ही अपना घर मानते हैं और वहीं वोट डालना चाहते हैं, तो सबसे पहले देख लें कि वहां की नई सूची में आपका नाम बचा है या नहीं।
धोखाधड़ी से बचें
चुनाव के मौसम में फर्ज़ी कॉल और मैसेज बढ़ जाते हैं। इन बातों का ध्यान रखें:
- वोटर लिस्ट में नाम देखने, जुड़वाने या सुधारने का कोई शुल्क नहीं है। कोई पैसे मांगे तो मना कर दें।
- अपना OTP किसी के साथ साझा न करें, चाहे वह खुद को चुनाव आयोग का कर्मचारी बताए।
- सिर्फ़ eci.gov.in पर खत्म होने वाली सरकारी वेबसाइट और आधिकारिक ECINET ऐप ही इस्तेमाल करें।
- व्हाट्सऐप पर आए किसी भी “वोटर लिस्ट चेक करें” लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका पता ध्यान से देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या वोटर लिस्ट में नाम देखने के पैसे लगते हैं? नहीं, यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है।
वोटर कार्ड है पर लिस्ट में नाम नहीं है, तो क्या वोट डाल सकते हैं? नहीं। वोट डालने के लिए सूची में नाम होना ज़रूरी है। कार्ड सिर्फ़ पहचान का कागज़ है।
नाम सूची में है पर वोटर कार्ड खो गया, तब? आप वोट डाल सकते हैं। आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे चुनाव आयोग के मान्य 12 पहचान पत्रों में से कोई एक ले जाएं, या e-EPIC डाउनलोड करके उसका प्रिंट ले जाएं।
SIR के बाद मेरा नाम कट गया, अब क्या करूं? फॉर्म 6 भरें और अपने BLO से संपर्क करें। अगर आपको लगता है कि नाम गलत काटा गया, तो ज़िला निर्वाचन कार्यालय से अपील की प्रक्रिया की जानकारी लें।
क्या पूरे बूथ की लिस्ट PDF में मिल सकती है? हां, voters.eci.gov.in पर “Download E-Roll” विकल्प में राज्य, ज़िला, विधानसभा और भाग चुनकर PDF डाउनलोड की जा सकती है।
एक मोबाइल नंबर से कितने लोगों का नाम चेक कर सकते हैं? नाम-पते या EPIC नंबर से आप किसी का भी नाम खोज सकते हैं, इसके लिए मोबाइल नंबर ज़रूरी नहीं है। मोबाइल वाला तरीका सिर्फ़ उसी व्यक्ति के लिए चलता है जिसके रिकॉर्ड से वह नंबर जुड़ा है।
सूची में मेरा नाम है लेकिन फोटो किसी और की है, क्या करूं? फॉर्म 8 भरकर फोटो बदलवाएं। वोटिंग के दिन फोटो मेल न खाने पर बूथ पर कोई दूसरा मान्य फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा।
शादी के बाद ससुराल में वोट डालना है, क्या करें? फॉर्म 8 भरकर “Shifting of residence” विकल्प चुनें और ससुराल का पता दर्ज करवाएं। इससे पुराने पते से नाम हटकर नए पते पर जुड़ जाता है।
क्या NRI भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा सकते हैं? हां, विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक फॉर्म 6A से आवेदन कर सकते हैं। उन्हें अपने पासपोर्ट वाले पते के क्षेत्र में वोट डालने के लिए खुद मौजूद रहना होता है।
हेल्पलाइन नंबर क्या है? 1950 (अपने ज़िले के STD कोड के साथ)। राष्ट्रीय संपर्क केंद्र का टोल-फ्री नंबर 1800-11-1950 है।

